भगवान राम ने रावण का वध किया था। इसलिए दशहरा का त्यौहार मनाया जाता है। लेकिन यह वह तथ्य है जिसे हम सब जानते हैं। तो चलिए आज दशहरा के बारे में हम आपको कुछ ऐसे तथ्य बता रहे हैं। जिसे शायद ही आप जानते हो। दशहरा संस्कृत शब्द दशा और हारा से बना है। जिसका सीधा अर्थ होता है सूर्य की हार। कहा जाता है कि अगर रावण का वध भगवान राम ने ना किया होता तो सूर्य हमेशा के लिए अस्त हो जाता। दशहरे को विजय दशमी भी कहा जाता है।
इसका महत्व इस रूप में भी होता है कि मां दुर्गा ने दसवें दिन महिषासुर राक्षस को मारा था। महिषासुर राक्षस राक्षसों का राजा था। जो लोगों पर अत्याचार करता था। उसके अत्याचारों को देखकर भगवान ब्रह्मा,विष्ष्णु और महेश ने शक्ति का निर्माण किया। महिषासुर और शक्ति के बीच 10 दिनों तक युद्ध हुआ और और दसवे दिन माँ दुर्गा ने विजय हासिल कर ली। ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि में मां अपने मायके आती है।फिर दसवें दिन उनकी विदाई होती है। यही वजह है कि लोग नवरात्रि के दसवें दिन उन्हें पानी में विसर्जित करते हैं।
एक मान्यता यह भी है कि श्री राम ने रावण के दसों सिर का वध किया था। जिससे अंदर की 10 बुराइयों को खत्म करने से जोड़कर देखा जाता है। पाप,काम,क्रोध,मोह,लोभ,घमंड,स्वार्थ,जलन,अहंकार,अमानवता और अन्याय 10 बुराइयां हैं।
ऐसा भी कहा जाता है कि पहली बार दशहरा मैसूर राजा के राज में 17 वीं शताब्दी में मनाया था। यह त्यौहार सिर्फ भारत ही नहीं बांग्लादेश और नेपाल में भी मनाई जाती है। मलेशिया में दशहरा पर राष्ट्रीय अवकाश होता है। दशहरा त्योहार को मौसम बदलने से जोड़कर भी देखा जाता है। दशहरा से सर्दियों की शुरुआत होती है। यह खरीफ की खेती का मौसम भी होता है। खरीफ की कटाई होती है और दिवाली के बाद रबी की बुवाई शुरू होती है। दशहरा भगवान राम और माता दुर्गा दोनों के
महत्व को दर्शाता है।
रावण को हराने के लिए श्री राम ने मां दुर्गा की पूजा की थी और आशीर्वाद के रूप में माँ ने रावण को मारने का रहस्य बताया था। एक और मान्यता यह है कि दशहरा के दिन ही राजा अशोक ने बौद्ध धर्म अपनाया था। इसी दिन भारत का संविधान लिखने वाले डॉक्टर अंबेडकर ने भी बौद्ध धर्म अपनाया था। तो दशहरा से जुड़ी यह वह तथ्य है जिसके बारे में शायद ही आपको पहले पता हो। उम्मीद है आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी।
