रेप का आरोप लगने के बाद से फरार बाबा नित्यानंद के बारे में बड़ा खुलासा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स ने दावा किया है कि नित्यानंद ने साउथ अमेरिका के एक देश इक्वाडोर से एक आईलैंड खरीदा है। इस आईलैंड को उसने एक आजाद देश घोषित किया है। जिसका नाम कैलास रखा है। इसके नाम की एक वेबसाइट भी बनाई गई है। . जिसमें कैलास को हिंदू राष्ट्र बताया गया है।
कैलाश के वेबसाइट के अनुसार यह आइलैंड त्रिनिदाद और टोबैगो देशों के नजदीक है। इसमें किसी एक देश की तरह तमाम सरकारी पदों पर लोग नियुक्त किए गए हैं। जैसे प्रधानमंत्री,कैबिनेट मंत्री,सेना प्रमुख और अन्य नित्यानंद ने अपने एक करीबी अनुयाई मा को प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। वेबसाइट पर संविधान और सरकारी ढांचे की जानकारी भी दी गई है। कई सारे मंत्रालय विभाग और एजेंसी बनाने का दावा है।
इतना ही नहीं नित्यानंद ने अपने देश का अलग झंडा भी बनाया है। राष्ट्रीय पशु,राष्ट्रीय पक्षी,राष्ट्रीय फूल और राष्ट्रीय पेड़ जैसी चीजों का ऐलान भी किया है। यह भी ऐलान किया है कि अगर कोई यहां का नागरिक बनना चाहता है। तो वह डोनेशन देकर यहाँ रहने आ सकता है। वेबसाइट में बताया गया है कि कैलास एक गैर राजनीतिक देश है और मानवता उसका मकसद है।
यह देश हिंदू धर्म की सभ्यता और संस्कृति के अनुसार चलेगा जो कि कई देशों से विलुप्त हो रही है। कैलास के दो तरह के पासपोर्ट बनाए गए हैं। एक सुनहरे रंग का और दूसरा लाल रंग का है। झंडे का रंग मेहरून है। जिसके दो प्रतीक हैं। एक सिंहासन पर नित्यानंद और दूसरे पर एक नंदी है। अनुयायियों के साथ बलात्कार और बच्चों को अगवा करने का आरोपी नित्यानंद देश छोड़कर भाग चुका है।नित्यानंद को वापस लाने के लिए पुलिस विदेश मंत्रालय के साथ काम कर रही है। देश लौटते ही उसकी गिरफ्तारी के आदेश हैं।
