इस पोस्ट में हम आपको करवा चौथ का शुभ मुहूर्त,शुभ संयोग और पूजन विधि बताने जा रहे हैं। शास्त्रों के अनुसार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाने वाला उपवास से करवा चौथ व्रत के नाम से जाना जाता है। इस दिन सुहागन महिलाएं पूरा दिन निर्जला व्रत रखकर अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती है और चंद्र उदय के बाद ही व्रत खोलती है। ज्योतिष की मानें तो इस बार करवा चौथ पर बहुत ही दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है। जिसके चलते इस व्रत का प्रभाव और भी अधिक बढ़ जाएगा।
साल 2019 में करवा चौथ का व्रत 17 अक्टूबर गुरुवार के दिन रखा जाएगा।
करवा चौथ पूजन का शुभ मुहूर्त होगा गुरुवार शाम 5:46 से 7:20 तक
पूजा की कुल अवधि 1 घंटा और 16 मिनट की होगी
करवा चौथ के दिन चंद्रोदय का समय होगा 8:16
इस बार चतुर्थी तिथि 17 अक्टूबर को 6:48 से लग रही है।अगले दिन चतुर्थी तिथि अगले दिन सुबह 7:29 तक रहेगी। इस बार उपवास का समय 13 घंटे 56 मिनट का है सुबह 6:21 से रात 8:18 तक रहेगा।
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करवा चौथ पूजन विधि के अनुसार करवा चौथ व्रत के दिन प्रातः काल सूर्योदय से पहले स्नान कर। पूजा स्थान को अच्छी तरह से साफ कर ले और सास द्वारा दी गई सरगी ग्रहण करें। फिर निर्जला व्रत का संकल्प लेते हुए व्रत आरंभ करें। पूजा स्थल में कलश स्थापना करें और चौथ माता का चित्र बनाये। इसके पश्चात मां गौरी गणेश जी और फिर भगवान शिव की मूर्ति चौकी पर स्थापित करते हुए। गौरी मैया को सुहाग का सामान अर्पित करें और सभी देवी देवताओं का आह्वान करते हुए। करवा चौथ की व्रत कथा सुने। अंत में पति की दीर्घायु की कामना करते हुए सांस का आशीर्वाद लेकर उन्हें करवा भेंट करें। रात्रि में चंद्रोदय के बाद छलनी से चंद्र दर्शन करें और चांद को अर्घ्य देकर पति का आशीर्वाद लेकर व्रत पूर्ण करें।
