इथोपिया के 43 साल के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली को अपने देश के पड़ोसी देश इरिट्रिया से दो दशक पुरानी खूनी संघर्ष खत्म करार कर शांति का नोबेल सम्मान हासिल करेंगे। 43 साल के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली को इथोपिया का नेशनल मंडेला भी कहा जाता है। अली आर्मी में इंटेलिजेंस अफसर थे और साइबर इंटेलिजेंस में उन्हें महारत हासिल थी। दक्षिण अफ्रीका के गांधी कहे जाने वाले नेल्सन मंडेला जब जेल से निकले तब अभी नेम अहमद महज 13 साल के थे। वह मंडेला के बहुत बड़े प्रशंसक हैं और अक्सर उनकी तस्वीर छपी टीशर्ट पहना करते थे।
अप्रैल 2018 में अभी अहमद इथोपिया के प्रधानमंत्री बने और अफ्रीकी देशों में सबसे युवा राष्ट्रअध्यक्ष बने। प्रधानमंत्री बनने के साथ ही उन्होंने इथोपिया में उदारवादी सुधार शुरु कर दिया। पीएम बनने के 100 दिनों के भीतर ही अहमद ने इमरजेंसी हटाई। मीडिया से सेंसरशिप हटाने का फैसला किया। उन्होंने हजारों विपक्षी कार्यकर्ताओं को जेलों से रिहा किया।
जिन असंतुष्ट नेता और कार्यकर्ताओं को देश से निर्वासित किया गया था। उन्हें लौटने की इजाजत दी। इरिट्रिया के साथ दोस्ती पर दस्तखत सबसे महत्वपूर्ण पहल की। उन्होंने चिर प्रतिद्वंदी इरिट्रिया के साथ खूनी संघर्ष को खत्म करने के लिए उनके शांति प्रयासों को देखते हुए। लोग उनकी तुलना नेल्सन मंडेला से करने लगे। पिछले साल प्रधानमंत्री बनने के साथ यह स्पष्ट कर दिया था कि वह इरिट्रिया के साथ शांति वार्ता को बहाल करेंगे। उन्होंने इरिट्रिया के राष्ट्रपति ईसैयस अफवर्की के साथ मिलकर तुरंत इस दिशा में पहल शुरू की।
9 जुलाई 2018 को इरिट्रिया के राष्ट्रपति के साथ इथोपिया के पीएम अबी अहमद अली ज्वाइंट डिक्लेरेशन आफ पीस एंड फ्रेंडशिप पर हस्ताक्षर किये। इन्ही के प्रयासों की वजह से पिछले साल इथोपिया और इरिट्रिया ने सीमा विवादों को हल करने के लिए शांति समझौता किया। इस तरह 20 सालों से दोनों देशों में चल रहे सैन्य तनाव खत्म हुआ। 1998 से 2000 के बीच दोनों देशों के बीच युद्ध भी चला था.
