पत्थरों से काटकर बनाए गए मंदिरों का शहर मामल्लापुरम यानी महाबलीपुरम शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात का गवाह बना। तमिलनाडु के इस शहर में दोनों नेताओं ने दोस्ती के नए आयाम गढ़े। शी जिनपिंग के चेन्नै पहुंचने पर मोदी ने अंग्रेजी,तमिल और चीन की भाषा में ट्वीट किया,भारत में आपका स्वागत है।
मोदी ने उम्मीद जताई कि मुलाकात से भारत और चीन के रिश्तों को मजबूती मिलेगी और यह दोनों नेताओं के बीच जुगलबंदी से भी दिखा भी । तमिलनाडु के पारंपरिक परिधान वेष्टि,आधे बाजू वाली सफेद शर्ट और कंधे पर अंगवस्त्रम के साथ मोदी पूरी तरह तमिल संस्कृति से ओतप्रोत दिखे। चीन के राष्ट्रपति भी सफेद शर्ट और ब्लैक पेंट में थे।
मोदी ने फिर 1 घंटे तक शी जिनपिंग को प्राचीन मंदिरों और अनोखी झुकी हुई चट्टान,अर्जुन तपस्या स्थली जैसी भारत के अनमोल विरासतो को दिखाया।दोनों ने पंच रथ स्थल पर नारियल पानी पिया। महाभारत के पात्रों के नाम पर पंचरथ को सातवीं सदी में पल्लव राजाओं ने बनवाया था।
मामल्लापुरम का चीन से 1700 साल पुराना नाता है। माना जा रहा है कि इस दौरान मोदी जी चीन के राष्ट्रपति को भारत चीन के इस पुराने कलेक्शन की अहमियत बताते रहे। लेकिन शी जिनपिंग भी कॉफी ध्यान से मोदी की बातें सुनते नजर आए। इसके बाद दोनों नेता तट मंदिर पर पहुंचे। यहां शी जिनपिंग के स्वागत में कत्थक कली और भरतनाट्यम जैसे भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम रखे गए। दोनों नेताओं ने रामायण का मंचन भी देखा। कार्यक्रमों का समापन गांधी जी के प्रिय भजन रघुपति राघव राजा राम के साथ हुआ।
आज कश्मीर पर पाकिस्तान से तनाव के बीच मामल्लापुरम में शनिवार को मोदी-शी जिनपिंग की बैठक होनी है। इस बैठक में व्यापार,फ्री ट्रेड ,सीमा विवाद और 5g जैसे मुद्दों पर बात हो सकती है। कश्मीर मुद्दा उठा तो मोदी शी जिनपिंग को भारत के पक्ष से वाकिफ कराएँगे।
