चंद्रमा पर खोए chandrayaan-2 लैंडर विक्रम को इसरो और नासा नहीं खोज सके। उसे चेन्नई के एक इंजीनियर शनमुग सुब्रमण्यम ने ढूंढ निकाला।शनमुग सुब्रमण्यम ने खाली समय में अपनी दो कंप्यूटर की लैब से नासा से जारी तस्वीरों को खंगाल कर विक्रम को खोजा। खुद नासा ने इसकी पुष्टि करते हुए मंगलवार को विक्रम के मलबे की तस्वीर जारी की।
7 सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर साफ्ट लैंडिंग के दौरान विक्रम का इसरो से संपर्क टूट गया था। उसकी क्रैश लैंडिंग हुई थी। तब से मलबे की तलाश जारी थी। इस बीच नासा ने अपने उपग्रह की मदद से खींची गई तस्वीर को 26 सितंबर को सार्वजनिक किया और लोगों से कहा कि वे इस खोज में मदद करें।
शनमुग ने तस्वीरों को पिक्सेल दर पिक्सेल देखा। वह रात को 4 घंटे 4 से 6 घंटे विक्रम को तलाशते थे। इस दौरान उन्हें लैंडिंग साइट से 750 मीटर उत्तर पश्चिम में मलबे का पहला टुकड़ा मिला। इसके बाद भारतीय इंजीनियर ने यह जानकारी नासा से साझा की। इस अमेरिकी स्पेस एजेंसी ने पहले और बाद की तस्वीरें मिलाई तो सही साबित हुए।