दिल्ली से सटे गाजियाबाद के इंदिरापुरम में रहने वाले कारोबारी ने पहले बेटी और बेटे की हत्या की। पालतू खरगोश का गला घोटा और फिर दो पत्नी पत्नियों के साथ सोसाइटी के आठवें फ्लोर से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना वैभव खंड के कृष्णा अपरा सफायर सोसायटी में मंगलवार तड़के घटी। एसएसपी सुधीर कुमार ने बताया कि तंगी के चलते कारोबारी ने यह कदम उठाया है।
कारोबारी 45 वर्षीय गुलशन वासुदेव है। जो मूल रूप से दिल्ली की झिलमिल कॉलोनी के रहने वाले हैं. एक डेढ़ महीने पहले ही इस सोसायटी में रहने आए थे। गुलशन का दिल्ली के गांधीनगर मार्केट में जींस बनाने का कारोबार है। वह इस कदर तनाव में थे कि उन्होंने बच्चों के कमरे की दीवार पर ही सुसाइड नोट लिखा। जिसमें साढ़ू (पत्नी के जीजा)राकेश वर्मा को मौत का जिम्मेदार बताया है।
दीवार पर ही कुछ बाउंस चेक और करेंसी नोट चिपके थे। बेड पर ₹5000 थे। नोट में लिखा था इस रकम से पांचों का एक साथ अंतिम संस्कार हो। सोमवार दोपहर को परिवार ने सोसायटी के गार्डो को कंबल बांटे थे। बताया जा रहा है कि रात को गुलशन की साढू से फोन पर कहासुनी हुई थी। फिर उसने यह कदम उठाया।
गुलशन ने मंगलवार तड़के 3:38 पर एक दोस्त को वीडियो कॉल कर कहा कि सब खत्म हो गया है। उसने दोस्त को बेड पर पड़े बच्चों के शव भी दिखाए। बताते हैं इसके बाद गुलशन ने दोनों पत्नीयो के साथ आत्महत्या कर ली। घर में बेटी कृतिका (18) और रितिक (14) के शव मिले हैं। दोनों का गला घोटा गया है।
पुलिस के मुताबिक गुलशन को 4 साल पहले साढू राकेश वर्मा से कारोबार से दो करोड़ का घाटा हुआ था। कर्ज़ की भरपाई के लिए उन्होंने झिलमिल का फ्लैट बेचा और बचे रुपयों से गांधीनगर में जींस मैन्युफैक्चरिंग का कारोबार शुरू किया। इस दौरान उन्होंने कोलकाता की सीटी लाइफ कंपनी में 80 लाख रू लगाए। लेकिन सोमवार रात 11:00 बजे ही उन्हें दोस्त से इस कंपनी के फ्रॉड कर भागने की जानकारी मिली। राकेश पर गुलशन ने केस किया था राकेश और उसकी मां गिरफ्तार भी हुए लेकिन अब राकेश कहां है इस बात का कोई पता नहीं है।
