दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण का स्तर शुक्रवार सुबह भी 'गंभीर' श्रेणी में बना हुआ है। फिर भी ऑड-ईवन योजना को बढ़ाने पर कोई निर्णय नहीं किया गया है।शुक्रवार 15 नवंबर को 4 नवंबर को शुरू हुई योजना का आखिरी दिन है। क्योंकि वायु प्रदूषण में खतरनाक बढ़ोतरी को रोकने के दिल्ली सरकार ने 4 नवंबर को ऑड-ईवन योजना लागु की थी।
सेंटर-रन सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) के अनुसार, दिल्ली में शुक्रवार सुबह (AQI) 482 दर्ज किया गया। जो गंभीर श्रेणी में आता है। लोधी रोड क्षेत्र में AQI 475, 503 पूसा, 494 दिल्ली विश्वविद्यालय क्षेत्र, 508 हवाई अड्डा, 583 नोएडा और गुरुग्राम में 548 दर्ज किया गया था।
अगर ऑड-ईवन नहीं बढ़ाया गया तो शुक्रवार AAP सरकार के प्रदूषण विरोधी उपाय का अंतिम दिन होगा। दिल्ली सरकार के एक अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट में इस योजना से संबंधित वायु प्रदूषण की स्थिति से संबंधित सुनवाई के परिणाम के आधार पर शुक्रवार को भी एक अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।बुधवार को, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि शुक्रवार को समाप्त होने वाली ऑड-ईवन प्रणाली को, यदि आवश्यक हो, बढ़ाया जाएगा।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, योजना के उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कुल 4,309 चालान किये है । यातायात पुलिस (276), परिवहन (139) और राजस्व (60) विभागों की टीमों द्वारा गुरुवार सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक 475 चालान किए गए थे।ऑड-ईवन का उल्लंघन करने वाले लोगों पर 4,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि ऑड-ईवन स्कीम के पहले दिन 233 चालान जारी गए थे।
ऑड-ईवन योजना को सबसे पहले अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने 2016 में दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण स्तर से निपटने के लिए लागू किया था।
राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को लेकर गुरुवार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार के विभागों और अन्य संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि सरकारी विभाग और अन्य संबंधित प्राधिकरण दिल्ली में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए कोई इच्छाशक्ति नहीं दिखा रहे हैं।
दिल्ली और नोएडा के सभी सरकारी और सार्वजनिक स्कूल बिगड़ती वायु गुणवत्ता के मद्देनजर 14-15 नवंबर के लिए बंद कर दिए गए थे। पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण (EPCA) ने कोयला का उपयोग करने वाले उद्योगों को शुक्रवार, 15 नवंबर तक बंद रखने का आदेश दिया है।
